छात्र भारती का एकदिवसीय छात्र परिसंवाद वर्धा में उत्साहपूर्वक संपन्न
छात्र भारती का एकदिवसीय छात्र परिसंवाद वर्धा में उत्साहपूर्वक संपन्न
वर्धा शहर प्रतिनिधि : अमन नारायणे
वर्धा : छात्र भारती वर्धा विभाग की ओर से 7 जून को वर्धा में एकदिवसीय छात्र परिसंवाद का आयोजन किया गया। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों, विद्यार्थियों के अधिकारों, शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों तथा छात्र संगठनों की भूमिका पर चर्चा के उद्देश्य से आयोजित इस परिसंवाद में जिले भर के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं युवाओं ने भाग लिया।
परिसंवाद में छात्र भारती के प्रदेश अध्यक्ष अनिकेत घुले, प्रदेश सचिव प्रशांत खंदारे तथा प्रदेश संगठन मंत्री विशाल शिंदे प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण, शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार, बदलती शैक्षणिक नीतियों तथा विद्यार्थियों के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही छात्र आंदोलनों के महत्व और संगठित छात्र शक्ति की आवश्यकता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, रोजगार, छात्रवृत्ति, महाविद्यालयीन समस्याओं, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा संगठनात्मक कार्यों से जुड़े अनेक प्रश्न उठाए। प्रमुख वक्ताओं ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देते हुए इन मुद्दों पर प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस अवसर पर सामाजिक, शैक्षणिक और युवा वर्ग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चिंतन-मंथन किया गया। विद्यार्थियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व, समान शिक्षा के अवसर तथा संगठनात्मक जागरूकता जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। परिसंवाद के माध्यम से विद्यार्थियों के बीच वैचारिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
कार्यक्रम का संचालन साहिल दरणे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन आकाश कोल्हे ने किया। कार्यक्रम की सफलता के लिए कौस्तुभ पाचडे, आदित्य दरणे, प्रणय चहांदे, जय गौरखेडे, सुयोग शेंडे, मयूर बालपांडे, हर्ष पट्टेवार, शुभम सोलंकी, सूरज मडामवार, शुभम मोरे तथा हिमांशु गाडगे ने विशेष योगदान दिया।
छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता से यह परिसंवाद सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में संगठनात्मक चेतना, सामाजिक जागरूकता और शैक्षणिक मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास किया गया।