मेमोरियल स्कूल में मिर्ज़ा ग़ालिब साहब की जयंती मनाई

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प्रतिनिधि: अब्दुल रहमान राजस्थान जयपुर

जयपुर:नाहरी का नाका शास्त्री नगर में स्थित मदरसा जामिया तैयबा में आज उर्दू के शायर मिर्जा गालिब की जयंती मनाई गई ।मदरसे की एक छात्रा आसमा बानो ने मिर्ज़ा ग़ालिब की जिंदगी के बारे में बताया कि मिर्ज़ा ग़ालिब की योमें पैदाइश 27 दिसंबर 1797 में हुई जिसे हम गालिब के नाम से जानते हैं ।उनकी पूरी जिंदगी के बारे में काफी सारी बातें बताई उसके बाद में मदरसा जामिया के डायरेक्टर कारी मोहम्मद इसहाक ने मिर्ज़ा ग़ालिब की पूरी जिंदगी के बारे में बताया कि मिर्जा साहब का जन्म 27 दिसंबर 1797 को आगरा में हुआ था वही निधन 15 फरवरी 1869 को हुआ था उनकी शायरी के आशिक दुनिया भर में करोड़ों लोग हैं एक पृष्ठभूमि वाले परिवार में पैदा हुए उनके चाचा ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी में सैन्य अधिकारी थे वैसे मिर्ज़ा ग़ालिब की पृष्ठभूमि एक तुर्क परिवार से थी और उनके दादा मध्य एशिया के समरकंद से सन 1750 के आसपास भारत आए थे (27 दिसंबर, 1797 को एक अजीम शायर ने जन्म लिया था जिसे हम गालिब के नाम से जानते हैं।) मियां, 225 साल बाद भी हमारे जैसे हैं, उनकी शायरी के दुनियाभर में करोड़ों लोग हैं। बहुत कम लोगों को पता है कि मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म आगरा मे एक सैनिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में हुआ था। उनके चाचा ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी मे सैन्य अधिकारी थे। वैसे मिर्ज़ा ग़ालिब की पृष्ठभूमि एक तुर्क परिवार से थी और इनके दादा मध्य एशिया के समरक़न्द से सन् 1750 के आसपास भारत आए थे यौम-ए-पैदाइश (जयंती) है । (27 दिसंबर, 1797 को एक अजीम शायर ने जन्म लिया था जिसे हम गालिब के नाम से जानते हैं।) मियां, 225 साल बाद भी हमारे जैसे मिर्ज़ा गालिब को आम बहुत पसंद थे आप का राब्ता उस वक्त के बड़े हुक्मरानों और फ्रीडम फाइटरो से था आप देश भक्ति गीत शायरी भी बखूबी लिखा और महेफिलों में पढ़ा करते थे,आज भी ज़माना आपकी शायरी और आपकी लिखीं किताबों का कायल है,,बच्चों में अपने महापुरुषों की मोहब्बत और उनकी जीवनी समय समय पर आम करते रहना यही हमारा मकसद है ये जानकारी मदरसा जामिया तय्यबा के डायरेक्टर कारी मोहम्मद इसहाक साहब ने दी और इस मौके पर मदरसा स्टाफ सहित बच्चों की हौसला अफजाई की

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