नाथ समुदाय के लोगों ने 11 सूत्रीय को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को दिया ज्ञापन

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प्रतिनिधि :अब्दुल रहमान राजस्थान

विजयनगर आज नाथ समुदाय के लोगों ने तहसील कार्यालय विजयनगर में पहुंचकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में नाथ समुदाय के द्वारा 11 सूत्री मांगों को लेकर उल्लेख किया गया है। जिनमें नाथ समुदाय के लोगों का कहना है कि राजनीतिक से लेकर सामाजिक शैक्षिक एवं आर्थिक स्तर काफी निम्न है। नाथ समुदाय के लोगों का कहना है कि नाथ, जोगी, द्वारा अपने अधिकार एवं हितों की सुरक्षा के लिए सरकार को लंबे समय से निवेदन किया जा रहा है बावजूद इसके सरकार द्वारा किसी तरह की राहत नहीं पहुंचाई गई है। ज्ञापन में निदेशालय समाज कल्याण राजस्थान के आदेश क्रमांक प.1(2) एस डब्ल्यू/63 दिनांक 24 फरवरी 1964 के शीर्षक denotified tribes and semi automatic tribes के उप शीर्षक ’A’Nomadic tribes के क्रम संख्या 06 पर जोगी कालबेलिया क्रम संख्या 0 7 7 पर जोगी कनफटा के क्रम संख्या 11 पर जोगी (घुमंतु जातियों को शामिल को छोड़कर) दर्शाया गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री भजनलाल से निवेदन किया गया है कि डीएनडी की श्रेणी में आने वाली अधिकांश जातियों को सरकार द्वारा एस सी अथवा एसटी श्रेणी में शामिल कर आने को प्रकार के लाभ प्रदान किया जा रहे हैं इसके उपरांत नाथ, जोगी जाति को तीन भागों में बढ़ते हुए ऐसी अथवा ओबीसी श्रेणी में रखा गया है जो न्याय संगत नहीं है। इस पर नाथ समुदाय के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई है। वही इस मामले को लेकर राजस्थान की भजनलाल सरकार से उम्मीद वह आशा व्यक्त की है कि यह सभी जातियां जैसे कालबेलिया, जोगी,कनफटा, नाथ , योगी आदिनाथ संप्रदाय की ही जातियां हैं। जोकि एक ही श्रेणी में आती है। ऐसे में नाथ समुदाय की मांग है कि राज्य सरकार गजट की पालना में घुमंतु वह अनुचित जाति दोनों के प्रमाण पत्र प्राप्त करने का अधिकार एवं लाभ दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में 11 सूत्रीय मांग का उल्लेख का उल्लेख किया गया है। जिन पर नजर डालते हैं।*1*शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षा में नाथ योगी योगी संप्रदाय के आराध्य एवं आधार पुरुष गुरु गोरखनाथ जी का परिचय तथा उनकी शिक्षाओं संबंधी विषयों को प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम में शामिल किया जाए। नाथ संप्रदाय एवं नाथ साहित्य पर शोध हेतु विश्वविद्यालय में एक पृथक शोध इकाई का गठन किया जाना भी शामिल है जो संपूर्ण राजस्थान में नाथ संप्रदाय के ऐतिहासिक स्थलों को सूचीबद्ध कर उनके इतिहास को लेख बंद कर प्रकाशित कराए।**2*गुरु गोरखनाथ बोर्ड के अध्यक्ष की नियुक्ति करके पर्याप्त बजट आवंटित किया जाए**3*अनैतिक सामाजिक आपराधिक एवं रियादित नकारात्मक आदि गतिविधियों के लिए गोरख धंधा शब्द के प्रयोग को प्रतिबंधित किया जाए जैसे कि मध्य प्रदेश ,हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, आदि राज्यों में किया जा चुका है।**4*सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नाथ, योगी, योगी ,समाज को घुमंतू व अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र जारी करवा कर लाभ दिलाया जाए। महाराष्ट्र की तर्ज पर राज्य सरकार अलग से घुमंतू आरक्षण लागू करें एवं नाथ ,योगी, योगी को अनुसूचित जाति का दर्जा देकर अलग से 10% आरक्षण दिए जाने की मांग भी प्रमुखता के साथ की गई है कुल मिलाकर ऐसे 11 मांगे हैं जिनका उल्लेख नाथ समुदाय ने ज्ञापन में किया है। ज्ञापन में बताया गया है कि राजस्थान में इस समुदाय की संख्या 25 लाख बताई गई है। ज्ञापन के दौरान नारायण लाल योगी नाथ समाज जिला अध्यक्ष अजमेर, दुर्गा लाल योगी संगठन मंत्री राजस्थान नाथ समाज, कालू नाथ योगी पूर्व उप सरपंच ग्राम सथाना, शिवनाथ योगी तहसील अध्यक्ष गौ रक्षा सेना विजयनगर, पोलू नाथ तहसील अध्यक्ष भिनाय, सोहन नाथ, शिवराज नाथ, मुकेश नाथ, महावीर नाथ, सत्यनारायण योगी, महावीर नाथ, नाथू नाथ, कैलाश नाथ ,जगदीश नाथ, अन्य नागरिक मौजूद रहे

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