छात्र सुरक्षा को लेकर पुलिस का मार्गदर्शन, 450 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

Thu 24-Sep-2026,12:19 AM IST -07:00
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छात्र सुरक्षा को लेकर पुलिस का मार्गदर्शन, 450 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

1930 साइबर हेल्पलाइन और 112 आपातकालीन नंबर के प्रभावी उपयोग की अपील

वर्धा | प्रतिनिधि : युसूफ पठाण

वायगांव (निपानी) स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल और यशवंत विद्यालया में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन 22 सितंबर 2026 को किया गया। संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आत्म-सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, यातायात नियम, कानून तथा पॉक्सो अधिनियम सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।

कार्यक्रम में भरोसा सेल एवं दामिनी स्क्वाड की प्रमुख सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) माधुरी वाघड़े, महिला पुलिस अंमलदार अर्चना एवं ममता ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में सतर्क रहने तथा किसी भी विपरीत परिस्थिति में घबराए बिना उचित कदम उठाने की जानकारी दी। उन्होंने इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय बरती जाने वाली सावधानियों तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी समझाए।

साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क

मार्गदर्शन के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में विशेष जानकारी दी गई। ऑनलाइन साइबर या वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई। पुलिस ने बताया कि धोखाधड़ी के बाद शुरुआती समय में शिकायत करने से रकम को रोकने या वापस प्राप्त करने की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।

इसी तरह किसी भी गंभीर आपात स्थिति, दुर्घटना, सुरक्षा संबंधी खतरे, कानून-व्यवस्था की समस्या अथवा महिला एवं बालकांच्या सुरक्षेशी संबंधित प्रसंगी 112 या आपातकालीन सेवा से संपर्क करने की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई।

बाल अधिकारों पर भी किया जागरूक

कार्यक्रम में चाइल्ड लाइन की माधुरी शम्भार्कर ने विद्यार्थियों को बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण के संबंध में मार्गदर्शन किया। उन्होंने बच्चों को किसी भी प्रकार के अन्याय, दुर्व्यवहार या असुरक्षित स्थिति का सामना होने पर समय रहते सहायता लेने के बारे में जानकारी दी।

ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल और यशवंत विद्यालया के 450 से अधिक छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सहभाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्म-सुरक्षा, साइबर जागरूकता और आपातकालीन परिस्थितियों में सही समय पर सहायता लेने को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।