सात दिन बाद भगवान धुर्वे का अंतिम संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि; प्रशासन के समाधान के बाद आंदोलन स्थगित
सात दिन बाद भगवान धुर्वे का अंतिम संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि; प्रशासन के समाधान के बाद आंदोलन स्थगित
रायपुर (जंगली) | प्रतिनिधि : युसूफ पठाण
वर्धा जिले के सेलू तालुका अंतर्गत रायपुर (जंगली) गांव में वाघ के हमले में मृत किसान स्व. भगवान धुर्वे के पार्थिव शरीर का सात दिन बाद अंतिम संस्कार किया गया। खेत से घर लौटते समय वाघ के हमले में भगवान धुर्वे की मौत हो गई थी। घटना के बाद धुर्वे परिवार ने सरकार से विभिन्न मांगें रखी थीं और मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का निर्णय लिया था।
धुर्वे परिवार को न्याय दिलाने और उनकी मांगों को लेकर सांसद अमर काले ने आंदोलन में सहभागी होकर प्रशासन के समक्ष परिवार की मांगें रखीं। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से मांगों को लेकर समाधान निकाले जाने के बाद आंदोलन स्थगित किया गया।
अखेर स्व. भगवान धुर्वे के पार्थिव शरीर पर उनके बेटे ने मुखाग्नि दी, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। सात दिनों से अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा कर रहे परिवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
इस अवसर पर सांसद अमर काले,अभ्युदय मेघे, रवि कोटमकर, मेश्राम जी, प्रवीण पेठे, समीर देशमुख सहित ग्रामीण, धुर्वे परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और बड़ी संख्या में मित्र मंडली उपस्थित रही।
सांसद अमर शरदराव काले ने आंदोलन को व्यापक प्रसिद्धि देने और धुर्वे परिवार को न्याय दिलाने के प्रयासों में सहयोग करने वाले सभी पत्रकार मित्रों का आभार व्यक्त किया