शिक्षकों के अभाव से ,बच्चों के भविष्य ,के साथ हो रहा है खिलवाड़, कौन है जिम्मेदार

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प्रतिनिधि: अब्दुल रहमान (राजस्थान)अजमेर

अजमेर जिले के पंचायत समिति भिनाय से लगभग 25 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत नानसी राजकीय माध्यमिक विद्यालय के हालात है। जहां पर कई दिनों से शिक्षकों के अभाव बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता हुआ साफ तौर पर देखा जा सकता है। जहां एक तरफ केंद्र सरकार में मनमोहन सिंह की सरकार थी उस दौरान मनमोहन सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून बनाकर पिछड़े हुए हर उस वर्ग को शिक्षा देने के लिए कानून बनाकर उच्च स्तर की शिक्षा की पहल की थी लेकिन आज राजस्थान में कांग्रेस की सरकार होते हुए भी इस अधिकार से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों से कोसों दूर दिखाई पड़ रहा है। जहां एक तरफ उस दौरान की सरकार ने नियम बनाकर हर उस आदमी को शैक्षणिक दृष्टि से मजबूत बनाने का संकल्प लिया था वही आज राज्य की सरकार ने पूरा करने में बेबस और नाकारा साबित होती हुई दिखाई दे रही है। इस बात का अंदाजा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नानसी में शिक्षकों की स्थिति को देखकर लगाया जा सकता है। वर्तमान में जहां विद्यालय में स्टाफ की संख्या 21 व्यक्तियों की होनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्य रहा इस गांव के बच्चे और बच्चियों का जो काफी दिनों से रिक्त पद अभी तक नहीं भरे जा सके? वर्तमान में विद्यालय की हालत देखकर बच्चे और बच्चों के भविष्य पर मंडराता हुआ खतरा साफ तौर पर देखा जा सकता है। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में विद्यालय में जहां की स्टाफ की संख्या 21 होनी चाहिए थी वही वर्तमान में 21 की जगह 7 व्यक्ति ही स्टाफ में है। जिनमें प्रधानाचार्य-1, उप प्रधानाचार्य-1, व्याख्याता राजनीतिक विज्ञान 1, वरिष्ठ अध्यापक गणित, अंग्रेजी पद 4, संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी लेवल सेकंड पद एक, लेवल फर्स्ट पद एक, वरिष्ठ सहायक पद एक, कनिष्ठ सहायक पद एक, कंप्यूटर अनुदेशक पद एक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद दो, को देखकर तो यही लगता है कि बच्चों के भविष्य के साथ राज्य की सरकार खिलवाड़ कर रही है। इस खबर से संबंधित स्थानीय विधायक राकेश पारीक से फोन पर संपर्क करना चाहत हो फोन पर वार्तालाप ना हो सकी। क्या स्थानीय विधायक राकेश पारीक इन बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अध्यापक और अन्य रिक्त पदों की पूर्ति करवा पाने में कामयाब रह पाते हैं या फिर बच्चों के भविष्य के साथ यूं ही खिलवाड़ होता रहेगा? यह तो आने वाला समय ही बता पाएगा के विधायक राकेश पारीक के द्वारा क्या कदम उठाए जा सकते हैं या फिर बच्चों की जिंदगी को यूंही बर्बाद होते हुए देखकर अपनी राजनीति को चमकाने के लिए फीता काटने के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहने के साथ ही विद्यालय की सुध ले पाएंगे?