मुरूमटोला-निंबा व्हाया पिपरिया-गल्लाटोला मार्ग की दुरुस्ती हेतु किया मुंडन आंदोलन
प्रतिनिधि गुलशन बनोठे सालेकसा
पिपरिया उपसरपंच गुनाराम मेहर के उपस्थिति 100 में लोगों ने किया मुंडन
सालेकसा-सालेकसा तहसील को मुख्य प्रवास से जोड़ने वाले मुरूमटोला-निंबा व्हाया पिपरिया-गल्लाटोला यह मार्ग दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है.तथा मुख्य मार्ग होने से यहां दिन-ब-दिन आवाजाही बढ़ रही है परंतु संबंधित विभाग का इस ओर दुर्लक्ष्य है. बता दे कि विगत 5 वर्ष पूर्व मुरूमटोला से निंबा मार्ग का मजबूतीकरण का कार्य हुआ है तो 4 साल पूर्व ही पिपरिया से गल्लाटोला यह सड़क का निर्माणकार्य मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत हुआ है. इसकी शिकायत संबंधित विभाग को अनेक मर्तबा की जा चुकी है परंतु अधिकारियों कि इस ओर अनदेखी निंदनीय है। मार्ग में अनेक गड्ढे होने से यहां राहगीरों को दिक्कते झेलनी पड़ रही है। तो वहीं स्कुली विद्यार्थी भी परेशान है,परिणाम स्वरुप यहां रोज कहीं न कहीं दुर्घटनाएं हो रही है.
विगत 13 अक्टूबर 2025 को महाराष्ट्र शासन द्वारा पारित शासन निर्णय के अनुसार जिन भी मुख्य मार्गो में दुर्घटनाग्रस्त गड्ढे हो उन्हें दुरुस्त करके जनता के लिए सुयोग्य मार्ग उपलब्ध कराने की जवाबदारी संबंधित विभाग की होगी वरना उक्त मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं के लिए संबंधित विभाग जवाबदार होगा. इन सभी बातों से संबंधित विभाग को अनेकों बार अवगत कराया गया लेकिन संबंधित विभाग इस ओर अनदेखी किया जा रहा है।
अतः अगर इस मार्ग की दुरुस्ती एक माह की कालावधि के अंदर नहीं की जाती तो दिनांक 1 जनवरी 2026 को ठीक 12:00 बजे संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षण करने हेतु सालेकसा से पिपरिया मार्ग की निंबा नदी घाट पर पिपरिया उपसरपंच गुणाराम मेहर अपना सर मुंडन करेंगे, ऐसा तत्संबंध का पत्र उन्होंने संबंधित विभाग को प्रेषित किया गया था. परंतु ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण मुंडन आंदोलन किया गया पश्चात 10 जनवरी को दसक्रिया एवं पिंडदान तथा 14 जनवरी को बाद चौदहवीं और 15 जनवरी को उस रोड के बीचो-बीच पंडाल लगाकर रास्ता रोककर ठ्ठिया आंदोलन किया जाएगा.
100 से अधिक क्षेत्र के युवाओं ने दिया योगदान!
सालेकसा तहसील अंतर्गत मुरुमटोला से नींबा सड़क मरम्मत हेतु जिला प्रशासन पर आक्रोश जताते हुए नियोजित कालावधी के अनुसार दि. 1 जनवरी को आयोजित मुंडन आंदोलन सफल रहा.जिसमे गुनाराम मेहर के नेतृत्व में ग्रामपंचायत सदस्य राजाराम धामडे, पुर्व ग्रामपंचायत सदस्य सेवकदास दसरिया, भरतलाल भुरकुडे,शेरसिंग मच्छिरके,त्रीभुवन दमाहे,संदिप चौरागडे, लक्ष्मीप्रसाद बनोटे, प्रभुदयाल वडगाये,लखन दमाहे, पत्रकार लक्की रंगारी सहीत सौ से अधिक युवाओं ने अपना योगदान दिया. इस आंदोलन को सफल बनाने हेतु चन्दु पाचे,रोमा चन्ने आदि युवाओं ने खुब परीश्रम कीया.