केंद्र की ओबीसी सूची में 27 जातियों को शामिल करने की मांग तेज, सांसद अमर काले को सौंपा ज्ञापन
केंद्र की ओबीसी सूची में 27 जातियों को शामिल करने की मांग तेज, सांसद अमर काले को सौंपा ज्ञापन
प्रतिनिधी. युसूफ पठाण वर्धा
नई दिल्ली, 30 जुलाई: महाराष्ट्र की केंद्र सरकार की ओबीसी सूची में शामिल किए जाने की प्रतीक्षा कर रही 27 जातियों के मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र ओबीसी एक्शन कमेटी ने आंदोलन तेज कर दिया है। कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में सांसद अमर काले के आधिकारिक आवास पर मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए प्रधानमंत्री से इस मामले में तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
महाराष्ट्र ओबीसी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष मोरेश्वर भाडे के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि केंद्र की ओबीसी सूची में नाम शामिल न होने से 27 जातियों के हजारों छात्र, युवा और बेरोजगार उम्मीदवार शिक्षा, रोजगार तथा आरक्षण के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए केंद्र सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
इस अवसर पर सांसद अमर काले ने प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट शब्दों में आश्वासन दिया कि महाराष्ट्र में ओबीसी समुदाय के न्यायसंगत अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 27 जातियों को केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल कराने के लिए वे केंद्र सरकार, संबंधित मंत्रालयों और प्रधानमंत्री कार्यालय से लगातार और प्रभावी ढंग से संपर्क कर रहे हैं तथा निर्णय होने तक यह प्रयास और भी तीव्र गति से जारी रहेगा।
सांसद अमर काले ने कहा, "ओबीसी समुदाय को न्याय दिलाना न केवल एक राजनीतिक बल्कि एक सामाजिक प्रतिबद्धता भी है। मैं संसद से लेकर मंत्रालय तक हर स्तर पर संघर्ष जारी रखूंगा, ताकि महाराष्ट्र की 27 लंबित जातियों को केंद्र की ओबीसी सूची में स्थान मिल सके।"
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के ओबीसी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और इस महत्वपूर्ण विषय पर केंद्र सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय कराने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में महाराष्ट्र ओबीसी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष मोरेश्वर भाडे सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद अमर काले का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि उनके प्रयासों से लंबे समय से लंबित यह मांग जल्द पूरी होगी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस यात्रा से महाराष्ट्र में ओबीसी समुदाय की वर्षों पुरानी मांग को राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर मजबूती मिली है।यदि चाहें, मैं इसे अखबार की फ्रंट पेज शैली में और अधिक प्रभावशाली शीर्षक व उपशीर्षक के साथ भी तैयार कर सकता हूँ।