23 जुलाई को वर्धा बंद का आह्वान, बजाज चौक से निकलेगा भव्य निषेध मोर्चा

Wed 22-Jul-2026,05:16 AM IST -07:00
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23 जुलाई को वर्धा बंद का आह्वान, बजाज चौक से निकलेगा भव्य निषेध मोर्चा

वंचित बहुजन आघाड़ी के जिलाध्यक्ष किशोर खैरकार के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचेगा मोर्चा; विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों का समर्थन

( नावेद पठाण मुख्य संपादक वर्धा )

दिल्ली में हुए आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों से जुड़े कथित जातीय भेदभाव के मामले के विरोध में वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड. प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व में गुरुवार, 23 जुलाई को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद के समर्थन में वर्धा जिले में भी वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से वर्धा बंद का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत सुबह 10 बजे बजाज चौक से भव्य निषेध मोर्चा निकाला जाएगा

वंचित बहुजन आघाड़ी के जिलाध्यक्ष किशोर खैरकार के नेतृत्व में निकाला जाने वाला यह मोर्चा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचेगा। यहां जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। आंदोलन के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ हुए कथित अन्याय का विरोध दर्ज कराते हुए सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की मांग की जाएगी

इस आंदोलन को विभिन्न सामाजिक, आंबेडकरी और राजनीतिक संगठनों ने समर्थन देने की घोषणा की है। सोशल निर्माण कोरम के नीरज गुजर, भीम टाइगर सेना के प्रमुख विशाल रामटेके, भारतीय बौद्ध महासभा के विशाल मानकर, भीम आर्मी संविधान रक्षक दल के आशीष सोनटक्के, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमोद भोमले, भीमा आर्मी के प्रदीप कांबले, कांग्रेस के सुनील कोल्हे, आरपीआई (आंबेडकर) के महेंद्र बनेश्वर तथा एमआईएम के आसिफ खान ने वर्धा बंद और निषेध मोर्चे को समर्थन देते हुए नागरिकों से बड़ी संख्या में सहभागी होने की अपील की है

वंचित बहुजन आघाड़ी के जिलाध्यक्ष किशोर खैरकार ने व्यापारियों, व्यवसायियों, सामाजिक संस्थाओं, विभिन्न संगठनों और आम नागरिकों से स्वेच्छा से बंद में शामिल होने का आह्वान किया है। वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से जारी पत्रक में कहा गया है कि बंद का उद्देश्य केवल व्यापारिक गतिविधियां बंद रखना नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से एकजुटता व्यक्त करना है

सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में सहभागी होने की अपील की गई है। अन्याय के खिलाफ यह एक दिवसीय संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के न्याय, समानता और सम्मान के लिए है। इसलिए सभी नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होकर लोकतंत्र को मजबूत करने में सहयोग करें, ऐसा आह्वान वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से किया गया है