जल जीवन मिशन की रुकी योजनाओं के लिए तत्काल निधि दें
जल जीवन मिशन की रुकी योजनाओं के लिए तत्काल निधि दें
वर्धा-अमरावती की जल एवं सिंचाई परियोजनाओं को गति देने सांसद अमर काले ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के समक्ष उठाया मुद्दा
प्रतिनिधि युसूफ पठाण वर्धा
नई दिल्ली. महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की उपस्थिति में नई दिल्ली में आयोजित की गई।
बैठक में वर्धा लोकसभा क्षेत्र के सांसद अमर काले ने वर्धा और अमरावती जिलों में जल जीवन मिशन, जलयुक्त शिवार तथा जल संसाधन विभाग की लंबित परियोजनाओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने रुकी हुई योजनाओं के लिए तत्काल निधि उपलब्ध कराने और ठेकेदारों के बकाया बिलों का भुगतान करने की मांग की।
सांसद काले ने बैठक में बताया कि वर्धा जिले में जल जीवन मिशन के तहत 839 योजनाओं को मंजूरी मिली है।
इनमें से 533 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि निधि के अभाव में 306 योजनाएं रुकी हुई हैं।
इन योजनाओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार का लगभग 34 करोड़ रुपये का हिस्सा लंबित है। वहीं ठेकेदारों के लगभग 54 करोड़ 77 लाख रुपये के बिल बकाया हैं।
शेष कार्यों को पूरा करने के लिए करीब 144 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इस प्रकार जल जीवन मिशन के लिए लगभग 198 करोड़ 77 लाख रुपये की निधि की आवश्यकता है।
काम पूरा, लेकिन बिलों का भुगतान लंबित
सांसद अमर काले ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत कई ठेकेदारों ने अपना काम पूरा कर लिया है, लेकिन महीनों से बिलों का भुगतान नहीं होने
के कारण वे आर्थिक संकट में हैं। भुगतान न मिलने से कई ठेकेदारों ने आगे के काम रोक दिए हैं, जिसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के बकाया भुगतान का मुद्दा केवल आर्थिक नहीं, बल्कि ग्रामीण जनता की पेयजल सुविधा से भी जुड़ा हुआ है।
इसलिए लंबित भुगतान तत्काल किया जाना चाहिए और रुकी हुई योजनाओं को दोबारा गति दी जानी चाहिए।
जलयुक्त शिवार के भी 19.48 करोड़ रुपये बकाया
सांसद काले ने वर्धा जिले में जलयुक्त शिवार योजना के कार्यों के लिए ठेकेदारों के लगभग 19 करोड़ 48 लाख रुपये के बकाया भुगतान का मुद्दा भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। इसके साथ ही जल संसाधन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं के लिए लंबित निधि उपलब्ध कराने की मांग की।
अमरावती में 50 योजनाएं निधि के अभाव में लंबित
अमरावती जिले की स्थिति की ओर भी सांसद काले ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने बताया कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत 666 योजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें से 616 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 50 योजनाएं निधि के अभाव में लंबित हैं। इन कार्यों से जुड़े ठेकेदारों के लगभग 62 करोड़ रुपये के भुगतान लंबित हैं।
इसके अलावा अमरावती जिले में जल संसाधन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं को गति देने के लिए लगभग 403 करोड़ 20 लाख रुपये की निधि की आवश्यकता है।
मंजूरी के बाद भी काम रुके तो योजना का क्या लाभ?
बैठक में सांसद अमर काले ने कहा कि, “जल जीवन मिशन की योजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है,
लेकिन यदि निधि के अभाव में काम अधूरे रहेंगे तो मंजूरी का क्या लाभ? ग्रामीण जनता को नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।”
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर निधि वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की। साथ ही
वर्धा और अमरावती जिलों की जल आपूर्ति, सिंचाई तथा जल संसाधन परियोजनाओं को तत्काल निधि उपलब्ध कराकर निर्धारित समय सीमा में पूरा करने की मांग केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से की।
सांसद काले ने स्पष्ट किया कि लंबित ठेकेदार भुगतान किए जाएं, रुकी हुई योजनाएं तत्काल शुरू हों और वर्धा-अमरावती की जल एवं सिंचाई परियोजनाओं को पर्याप्त निधि देकर गति दी जाए।