सावंगी मेघे थाना क्षेत्र में अवैध शराब का ‘महापूर’; प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
नावेद पठाण मुख्य संपादक
वर्धा | महात्मा गांधी और आचार्य विनोबा भावे की पवित्र कर्मभूमि माने जाने वाले वर्धा जिले में इन दिनों अवैध शराब का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। विशेष रूप से सावंगी मेघे थाना क्षेत्र में अवैध देशी व विदेशी शराब की बिक्री और परिवहन ने ऐसा स्वरूप धारण कर लिया है, मानो पूरे इलाके में शराब का ‘महापूर’ आ गया हो।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार गांव-गांव, ढाबों, खेतों के रास्तों तथा सुनसान इलाकों में बेखौफ तरीके से अवैध शराब बेची जा रही है। दिनदहाड़े और रात के अंधेरे में शराब की खेप पहुंचाई जा रही है, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से ठोस और प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
सबसे गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह अवैध कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा है? सावंगी थाना क्षेत्र में यह धंधा लंबे समय से जारी होने के बावजूद पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित नजर आ रही है।
देशभर में गांधीवादी विचारधारा, नैतिकता और अहिंसा के लिए पहचाने जाने वाले वर्धा जिले में इस प्रकार खुलेआम नशे का कारोबार होना जिले की छवि को गहरा धक्का पहुंचा रहा है।
अवैध शराब के बढ़ते प्रचलन के कारण क्षेत्र में घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाओं, अपराधों में वृद्धि के साथ-साथ युवाओं के भविष्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक तथा आबकारी विभाग से मांग की है कि सावंगी मेघे थाना क्षेत्र में संचालित अवैध शराब के अड्डों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए तथा इस अवैध धंधे को संरक्षण देने वालों की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी संवेदनशीलता और गंभीरता से लेता है, या फिर गांधी-विनोबा की कर्मभूमि में अवैध शराब का यह ‘महापूर’ यूं ही बहता रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।