सावंगी मेघे चौक से खुलेआम चल रहा अवैध रेत परिवहन, प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में

Thu 08-Jan-2026,10:35 PM IST -07:00
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मुख्य संपादक नावेद पठाण 

 

वर्धा सावंगी मेघे थाना क्षेत्र अंतर्गत सावंगी मेघे के मुख्य चौक से होकर अवैध रेत का परिवहन खुलेआम जारी है। दिन-रात ट्रैक्टरों के माध्यम से बिना रॉयल्टी रेत की ढुलाई की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन इस गंभीर मामले पर मौन साधे हुए नजर आ रहा है।

इतना ही नहीं, सालोड गांव के समीप स्थित निमघाट नाले से लेकर सेलसुरा नदी, पडेगांव नदी, आजगांव, सिरजगांव तथा सोनेगांव बाई क्षेत्र में भी खुलेआम अवैध रेत खनन किया जा रहा है। नियमों को ताक पर रखकर दिन-रात रेत की चोरी कर उसका अवैध परिवहन किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेत माफिया शासन के नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए भारी मात्रा में रेत का उत्खनन कर रहे हैं। इस अवैध कारोबार के कारण शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि कुछ लोग रेत चोरी के माध्यम से निजी आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार प्रशासन से शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नदियों और नालों से हो रहे अवैध रेत खनन से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है। इससे जलस्तर में गिरावट आ रही है, वहीं भविष्य में बाढ़ और नदी कटाव का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।

गौरतलब है कि हाल ही में राज्य के महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना रॉयल्टी (डब्ल्यू.आर.) के रेत का परिवहन करने वाले वाहनों पर महसूल विभाग और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई करेंगे। साथ ही ऐसे मामलों में संबंधित वाहन मालिकों और चालकों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इसके बावजूद सावंगी मेघे क्षेत्र में खुलेआम अवैध रेत परिवहन जारी रहना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।