सावंगी (मेघे) अस्पताल में लापरवाही का आरोप दो दिन के नवजात शिशु की उपचार के दौरान मौत, परिजनों में आक्रोश
सावंगी (मेघे) अस्पताल में लापरवाही का आरोप
दो दिन के नवजात शिशु की उपचार के दौरान मौत, परिजनों में आक्रोश
मुख्य संपादक नावेद पठाण वर्धा
वर्धा । सावंगी (मेघे) स्थित आचार्य विनोबा भावे ग्रामीण अस्पताल में दो दिन के नवजात शिशु की उपचार के दौरान मौत हो जाने की गंभीर घटना सामने आई है। इस मामले में शिशु के परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सावंगी (मेघे) पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। गुरुवार (5 फरवरी) की शाम घटना उजागर होते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पडेगांव निवासी आकाश प्रभाकर पचारे (31) ने मंगलवार (3 फरवरी) को अपनी पत्नी नीलिमा पचारे को प्रसव के लिए सावंगी (मेघे) स्थित आचार्य विनोबा भावे ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया था। बुधवार (4 फरवरी) की रात 1.48 बजे नीलिमा पर सिजेरियन ऑपरेशन किया गया, जिसमें उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद जब नवजात शिशु को दिखाया गया, तब उसके पेट के बाईं ओर गहरी चोट नजर आई। आकाश पचारे का कहना है कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से शिशु के पेट पर ब्लेड से कट लग गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।
बताया गया कि शिशु को तुरंत एनआईसीयू (NICU) में भर्ती किया गया। डॉक्टरों द्वारा बताई गई सभी दवाइयाँ परिजनों ने समय पर उपलब्ध कराईं और नर्सिंग स्टाफ को सौंप दीं। गुरुवार शाम करीब 7 बजे अस्पताल के सुरक्षाकर्मी द्वारा डॉक्टर बुलाने की सूचना दी गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उपचार किया, लेकिन कुछ ही देर में शिशु की मौत हो गई।
इस संबंध में सावंगी (मेघे) पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। परिजनों ने सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान ब्लेड लगने से शिशु को गंभीर चोट पहुंचने और उसी के कारण उसकी मौत होने का आरोप लगाते हुए संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।