गौ तस्करी या फर्जी गौ रक्षा? प्राणी कल्याण अधिकारी पर हमले की हर एंगल से जाँच

Thu 05-Feb-2026,11:30 PM IST -07:00
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गौ तस्करी या फर्जी गौ रक्षा? प्राणी कल्याण अधिकारी पर हमले की हर एंगल से जाँच

 

अब्दुल कदीर बख्श मुख्य संपादक

 

नागपुर–हैदराबाद हाईवे पर प्राणी कल्याण अधिकारी पर संदिग्ध हमला, गौ तस्करी से जुड़े एंगल की जाँच में जुटी पुलिस

 

नागपुर–हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर वडनेर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 28 जनवरी 2026 की मध्य रात्रि करीब 2 बजे महाराष्ट्र राज्य के प्राणी कल्याण अधिकारी श्री राम नंदनवार पर संदिग्ध परिस्थितियों में हमला होने की घटना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घटना एक सड़क दुर्घटना की तरह प्रतीत हुई, लेकिन बाद में इसे सुनियोजित हमला होने की आशंका जताई जा रही है।

श्री नंदनवार को गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार जारी है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार श्री नंदनवार पिछले कई वर्षों से गौवंश संरक्षण और अवैध पशु परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई में सक्रिय रहे हैं। इसी दौरान उन्हें पूर्व में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा धमकियाँ मिलने की बात भी सामने आई है। ऐसे में इस हमले का संबंध संगठित गौ तस्करी गिरोहों से हो सकता है, इस दिशा में भी जाँच की जा रही है।

हालाँकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि जाँच पूरी होने से पहले किसी एक पक्ष या संगठन पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा। अधिकारी यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि गौ तस्करी के नाम पर सक्रिय नकली दलाल, फर्जी दस्तावेज़ों के माध्यम से पशु परिवहन करने वाले गिरोह, और कानून की आड़ में अवैध गतिविधियाँ करने वाले तत्व भी इस क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं, जिनकी भूमिका की गहन पड़ताल की जाएगी।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह भी देखा जा रहा है कि कहीं असली गौ तस्करों के साथ-साथ ऐसे लोग तो सक्रिय नहीं हैं जो गौ रक्षा के नाम पर अवैध गतिविधियों में लिप्त हैं और ईमानदार अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं।

इस घटना के बाद प्राणी कल्याण अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जाँच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और ईमानदार अधिकारियों को सुरक्षा देने की माँग की है।

पुलिस का कहना है कि मामले में सभी तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स की जाँच की जा रही है। दोषी चाहे कोई भी हो — गौ तस्कर, फर्जी रक्षक या कोई अन्य संगठित गिरोह कानून के तहत सख़्त कार्रवाई की जाएगी।