सावंगी मेघे थाना क्षेत्र में पडेगाव नदी की खुलेआम लूट,
सावंगी मेघे थाना क्षेत्र में पडेगाव नदी की खुलेआम लूट,
क्या अवैध रेत तस्करी को उच्च अधिकारियों का आशीर्वाद प्राप्त है?
नावेद पठाण मुख्य संपादक
वर्धा। सावंगी मेघे थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पडेगाव और समीपवर्ती सालोड परिसर में बड़े पैमाने पर चल रही अवैध रेत तस्करी ने प्रशासन की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।
दिनदहाड़े नदी से रेत की निकासी और परिवहन खुलेआम जारी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि इतनी बड़ी अवैध गतिविधि लंबे समय से चल रही है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या रेत माफिया को किसी स्तर पर संरक्षण प्राप्त है?
लगातार 25 से 30 दिनों से खबरें प्रकाशित होने, वीडियो सामने आने और शिकायतें होने के बावजूद कार्रवाई न होना संदेह को और गहरा करता है।
पडेगाव और सालोड क्षेत्र में रेत उत्खनन से नदियों का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है, खेतों की जमीन धंसने का खतरा बढ़ रहा है और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि यही कार्य कोई आम नागरिक करता, तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई होती। ऐसे में सवाल यह है कि क्या रेत माफिया कानून से ऊपर हैं, या फिर उन्हें उच्च अधिकारियों का मौन समर्थन प्राप्त है?
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
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