साहित्य जगत का चमकता सितारा अस्त : सुनील पाल कवि आरिफ काज़ी को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि
साहित्य जगत का चमकता सितारा अस्त : सुनील पाल
कवि आरिफ काज़ी को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि
नावेद पठाण मुख्य संपादक
हिंगणघाट : मानवीय संवेदनाओं की सशक्त और सृजनात्मक अभिव्यक्ति यदि किसी माध्यम से प्रभावी ढंग से व्यक्त होती है, तो वह साहित्य और विशेष रूप से काव्य है। अपनी प्रभावशाली वाणी और सशक्त लेखनी के दम पर देशभर में विशिष्ट पहचान बनाने वाले हिंगणघाट के सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं कवि आरिफ काज़ी के निधन से साहित्य जगत का एक उज्ज्वल सितारा हमेशा के लिए अस्त हो गया। यह साहित्य क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। यह विचार प्रसिद्ध हास्य अभिनेता एवं ‘The Great Indian Laughter Challenge’ के विजेता सुनील पाल ने व्यक्त किए।
वे 3 मार्च को साहित्यरत्न मंच द्वारा जी.बी.एम.एम. स्कूल के सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. शांतीलाल कोचर ने की। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध साहित्यकार इमरान राही, एड. अमानी कुरैशी, प्रा. मजीद बेग मुगल, एड. उल्हास वाघ, एड. इब्राहीम बख्श आजाद, कवि मुरली लाहोटी, डॉ. रविपाल भालशंकर, अब्दुल कदीर बख्श, कविता बैस, मोहम्मद मकसूद बावा, सज्जाद बोहरा, चंगेज खान, मडावी सर, गोपाल सागर व्यास सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
साहित्यकार इमरान राही ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में कहा, “एक मित्र के चले जाने से दुनिया खत्म नहीं होती, ऐसा कहा जाता है; लेकिन हजारों मित्र होने के बावजूद उस एक सच्चे मित्र की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती।” उन्होंने कवि आरिफ काज़ी से जुड़ी कई भावुक स्मृतियों को साझा करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर एड. अमानी कुरैशी, प्रा. मजीद बेग मुगल, अब्दुल कदीर बख्श, कविता बैस, कवि मुरली लाहोटी, डॉ. शांतीलाल कोचर, सोनल तिवारी, आम्रपाली पार्वे सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए दिवंगत कवि को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का संचालन एड. इब्राहीम बख्श आजाद ने किया। श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे और सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।