वर्धा सिविल हॉस्पिटल में बड़ी लापरवाही व्हीलचेयर नहीं, मरीज को कुर्सी पर लाने की सलाह!
वर्धा सिविल हॉस्पिटल में बड़ी लापरवाही व्हीलचेयर नहीं, मरीज को कुर्सी पर लाने की सलाह!
वर्धा प्रतिनिधी इरशाद शहा
वर्धा, 13 अप्रैल (सुबह 9:30 बजे के करीब):वर्धा सिविल हॉस्पिटल में एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
एक 70-75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को उसके परिवार द्वारा ऑटो से इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। महिला की हालत बेहद गंभीर थी और वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ थी।
परिवार ने जब अस्पताल में व्हीलचेयर की मांग की, तो ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ (सिस्टर) ने साफ शब्दों में कहा कि अस्पताल में व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं है। इस जवाब से परिवार हैरान हो गया, क्योंकि मरीज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
आखिरकार, मजबूरी में परिवार ने खुद ही महिला को कुर्सी पर उठाकर अस्पताल के अंदर ले जाना पड़ा। इस दौरान मरीज की हालत और ज्यादा नाजुक बनी रही।
इस घटना के बाद अस्पताल स्टाफ के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि कर्मचारी केवल उपस्थिति
(attendance) दर्ज कर रहे हैं लेकिन मरीजों की मदद नहीं कर रहे, तो आखिर वेतन (पगार) किस बात का लिया जा रहा है?
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि सरकारी अस्पताल में बुनियादी सुविधा जैसे व्हीलचेयर तक उपलब्ध नहीं है, तो मरीजों का इलाज कैसे संभव होगा?
अब देखना यह होगा कि सिविल सर्जन (CS) इस गंभीर मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं और जिम्मेदार कर्मचारियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।