अपराध पर नजर रखने वाला सिस्टम खुद निगरानी के बिना

Sat 07-Feb-2026,04:34 AM IST -07:00
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अपराध पर नजर रखने वाला सिस्टम खुद निगरानी के बिना

वर्धा | जिला विशेष प्रतिनिधि : यूसुफ पठाण

वर्धा शहर की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे और पोल आज केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।

जमीनी हकीकत यह है कि यह सीसीटीवी व्यवस्था जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।

शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और प्रमुख मार्गों पर लगाए गए सीसीटीवी पोल की हालत बेहद चिंताजनक है। 

कई पोल पर लगी लाइटें दिन में जलती रहती हैं, जबकि रात के समय—जब उनकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है—वे बंद पड़ी रहती हैं। 

कुछ स्थानों पर तो पोल की लाइटें कभी चालू ही नहीं होतीं, जिससे रात के समय अंधेरा बना रहता है।

इतना ही नहीं, कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे गलत दिशा में लगाए गए हैं। कुछ कैमरे नीचे की ओर झुके हुए नजर आते हैं, जिससे किसी भी आपराधिक घटना के दौरान स्पष्ट दृश्य कैद होने की संभावना बेहद कम हो जाती है।

ऐसे में अपराध होने के बाद इन कैमरों से ठोस सबूत मिलने की उम्मीद करना बेमानी साबित हो रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही यहीं तक सीमित नहीं है। कई स्थानों पर डीवीआर मशीनों की पेटियों के ढक्कन तक गायब हैं, जिससे उपकरणों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। खुले में रखी डीवीआर मशीनें कभी भी खराब हो सकती हैं या उनके साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी रहती है।

जनता का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई यह सीसीटीवी परियोजना उचित निगरानी और रखरखाव के अभाव में पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी है। सवाल यह उठता है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है और कब तक जनता की सुरक्षा को राम भरोसे छोड़ा जाएगा?

अब देखने वाली बात यह है कि पुलिस प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कब संज्ञान लेते हैं और सीसीटीवी व्यवस्था को दुरुस्त कर शहर की सुरक्षा को वास्तव में मजबूत करते हैं।