मौत की पटरियों पर ‘शिक्षा’ का सफर

Wed 14-Jan-2026,05:11 AM IST -07:00
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वर्धा जिल्हा विशष प्रतिनिधि युसूफ पठाण

वर्धा : पुलगांव शहर के आर्वी रोड स्थित रेलवे गेट के कोरोना काल से बंद पड़े होने के कारण सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करने को मजबूर हैं। स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की उदासीनता अब गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।

आर्वी रोड रेलवे गेट बंद रहने से सोरठा, रसूलाबाद, हिवरा, गुंजखेड़ा, वल्लभनगर तथा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जैसे क्षेत्रों का शहर के मुख्य हिस्से से सीधा संपर्क टूट गया है। विद्यार्थियों के लिए यही सबसे छोटा और सुविधाजनक मार्ग होने के कारण वे साइकिलें उठाकर अथवा पैदल ही रेलवे पटरियां पार कर रहे हैं। किसी भी समय यहां बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व में कई बार आंदोलन किए गए और प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। जनप्रतिनिधियों और रेलवे प्रशासन की चुप्पी से नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के घटित होने का इंतजार कर रहा है।

इस बीच एसटी महामंडल के सेवानिवृत्त अधिकारी विजय भांडे द्वारा भेजे गए एक वीडियो ने स्थिति की भयावहता को उजागर कर दिया है। वीडियो में रेलवे ट्रैक पर कुत्ते का क्षत-विक्षत शव दिखाई दे रहा है, जो इस मार्ग की खतरनाक वास्तविकता को दर्शाता है।

नागरिकों ने मांग की है कि बंद पड़े रेलवे गेट को तत्काल खोला जाए अथवा अंडरपास या ओवरब्रिज का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए रेलवे पुलिस की तैनाती कर स्थायी समाधान निकाला जाए।

बच्चों की शिक्षा के नाम पर उनकी जान को खतरे में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। अब समय आ गया है कि प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए ठोस निर्णय ले और विद्यार्थियों को सुरक्षित आवागमन का मार्ग उपलब्ध कराए।