विनोबा के विचारों की गूंज... रायपुर में पुस्तक विमोचन एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन
मुख्य संपादक नावेद पठाण वर्धा
रायपुर (नावेद पठान, वर्धा)। यशवंत महाविद्यालय, वर्धा के हिंदी यह पुस्तक विनोबा भावे के विचारों को आज की पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त विभागाध्यक्ष डॉ. संजय धोटे द्वारा लिखित माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय
पुस्तक 'विनोबा : सेवा, साधना और समाज' का भव्य विमोचन शांतिनगर स्थित विमतारा भवन, रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं पुस्तक विमोचन समारोह के अवसर पर संपन्न हुआ।
इस गरिमामय समारोह की अध्यक्षता काशी हिंदी विद्यापीठ, वाराणसी के कुलपति डॉ. ओमप्रकाश द्विवेदी ने की। कार्यक्रम में कुलसचिव इंद्रजीत तिवारी 'निर्भीक' प्रमुख अतिथि के रूप में तथा डॉ. महेंद्र कुमार ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संयोजन श्याम कुंवर भारती ने किया।
इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से पधारे प्रतिष्ठित साहित्यकारों, कवियों एवं साहित्य-प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. ओमप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि यह पुस्तक महात्मा विनोबा भावे के सेवा, साधना और सामाजिक दर्शन को समकालीन संदर्भों में अत्यंत सारगर्भित ढंग से प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यह कृति शोधार्थियों, विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज को मानवीय मूल्यों, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की ओर प्रेरित करती है।
प्रमुख अतिथि इंद्रजीत तिवारी 'निर्भीक' ने कहा कि डॉ. संजय धोटे की
में सेवा, त्याग और सामाजिक समरसता जैसे मूल्य अत्यंत प्रासंगिक हैं तथा यह कृति समाज में सकारात्मक चेतना जागृत करने में सहायक सिद्ध होगी।
मुख्य अतिथि डॉ. महेंद्र कुमार ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि 'विनोबा : सेवा, साधना और समाज' केवल एक जीवनी या वैचारिक ग्रंथ नहीं, बल्कि सामाजिक पुनर्निर्माण की प्रेरणा देने वाला एक महत्वपूर्ण साहित्यिक दस्तावेज है। उन्होंने लेखक की शोधपरक दृष्टि और सरल, प्रवाहपूर्ण भाषा-शैली की सराहना करते हुए इसे समकालीन हिंदी साहित्य की उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम समन्वयक श्याम कुंवर भारती ने कहा कि इस प्रकार के साहित्यिक आयोजन समाज में विचारों के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक संवाद को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह का समापन काव्य-पाठ और साहित्यिक संवाद के साथ हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने काव्य-पाठ प्रस्तुत कर वातावरण को साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. रश्मिलता मिश्रा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन श्याम कुंवर भारती ने किया।