“रेती माफियाओं से अधिकारियों को लाभ तो नहीं?”
“रेती माफियाओं से अधिकारियों को लाभ तो नहीं?”
अवैध रेत के दो वीडियो सामने आने के बावजूद कार्रवाई शून्य, संरक्षण की आशंका गहराई
नावेद पठाण मुख्य संपादक वर्धा
सावंगी | सावंगी थाना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन से जुड़े दो वीडियो सामने आने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई न होने से सावंगी पुलिस थाना एवं राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सामने आए वीडियो में रेत से भरे वाहनों की आवाजाही और अवैध गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कदम न उठाया जाना प्रशासनिक उदासीनता या फिर जानबूझकर की जा रही अनदेखी की ओर संकेत करता है।
जब प्रत्यक्ष प्रमाण उपलब्ध हैं, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई—यह प्रश्न आम नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अवैध रेत कारोबार से शासन को जहां भारी राजस्व हानि हो रही है, वहीं पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
इसके बावजूद प्रशासन की चुप्पी को लेकर क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि कहीं इस अवैध कारोबार से संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ तो नहीं पहुंच रहा। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संदेह की स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता।
अब जिलेभर की निगाहें नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ कुमार अग्रवाल पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर मामले में हस्तक्षेप कर सावंगी पुलिस थाना एवं संबंधित विभागों को सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हैं या नहीं।