निज़ामुद्दीन शेख : एक व्यक्ति नहीं, बल्कि शिक्षा और सेवा का आंदोलन – एड. इब्राहिम बख्श आज़ाद, हिंगणघाट

Sat 06-Jun-2026,11:56 PM IST -07:00
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निज़ामुद्दीन शेख : एक व्यक्ति नहीं, बल्कि शिक्षा और सेवा का आंदोलन

– एड. इब्राहिम बख्श आज़ाद, हिंगणघाट

समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो केवल अपने लिए नहीं जीते, बल्कि अपना पूरा जीवन दूसरों के भविष्य को संवारने के लिए समर्पित कर देते हैं। ऐसे ही व्यक्तित्व का नाम है निज़ामुद्दीन शेख (निज़ाम सर)। आज उनका नाम केवल यवतमाल जिले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महाराष्ट्र सहित देश के अनेक राज्यों में शिक्षा, समाजसेवा और मानवता की मिसाल के रूप में लिया जाता है।

निज़ाम सर ने अपने जीवन का मूलमंत्र बनाया – “इल्म इंसानी ज़िंदगी की बुनियाद है।” यही विचार उनके हर कार्य में दिखाई देता है। उन्होंने यह समझ लिया था कि किसी भी समाज की वास्तविक तरक्की शिक्षा के बिना संभव नहीं है। इसी सोच के साथ उन्होंने कुछ ज़रूरतमंद और प्रतिभाशाली छात्रों की मदद करने का संकल्प लिया। उस समय शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि कुछ छात्रों की सहायता से शुरू हुआ यह प्रयास एक दिन हजारों परिवारों के जीवन में बदलाव लाने वाला आंदोलन बन जाएगा।

इसी उद्देश्य से स्थापित सोशल एंड एजुकेशनल वेलफेयर एसोसिएशन “सेवा” आज शिक्षा और सामाजिक उत्थान का एक मजबूत स्तंभ बन चुकी है। यह संस्था केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को मार्गदर्शन, प्रेरणा और आत्मविश्वास भी प्रदान करती है। आज इस संस्था के माध्यम से हजारों विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और अनेक युवा विभिन्न सरकारी सेवाओं में कार्यरत होकर समाज और राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।

किसी भी महान कार्य की सफलता केवल एक व्यक्ति के प्रयासों से संभव नहीं होती। निज़ाम सर के साथ उनकी समर्पित टीम भी कंधे से कंधा मिलाकर दिन-रात कार्य कर रही है। यह टीम शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के मिशन को आगे बढ़ा रही है। उनकी मेहनत और निष्ठा का ही परिणाम है कि “सेवा” का कार्यक्षेत्र लगातार विस्तारित होता जा रहा है।

यवतमाल में “सेवा” की ओर से स्थापित विशाल शैक्षणिक संस्थान आज हजारों विद्यार्थियों के सपनों का केंद्र बन चुका है। यहाँ यूपीएससी, एमपीएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक सुविधाएँ, अनुभवी मार्गदर्शक और एक विशाल पुस्तकालय उपलब्ध है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए यह संस्थान किसी वरदान से कम नहीं है।

निज़ाम सर का कार्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। देशभर में पढ़ने वाले हजारों जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा शुल्क, हॉस्टल, मेस और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं का खर्च भी “सेवा” संस्था के माध्यम से वहन किया जाता है। हर महीने लाखों रुपये विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण पर खर्च किए जाते हैं। यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके सपनों में किया गया निवेश है।

इन प्रयासों के परिणाम भी अत्यंत प्रेरणादायक रहे हैं। अनेक विद्यार्थी आज प्रशासनिक सेवाओं, पुलिस विभाग, बैंकिंग, शिक्षा और अन्य सरकारी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। हाल ही में महाराष्ट्र की पहली मुस्लिम युवती द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) परीक्षा में सफलता प्राप्त करना भी इस मिशन की उपलब्धियों में शामिल है। इस सफलता के पीछे निज़ाम सर का मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और अथक परिश्रम रहा है।

समाजसेवा के क्षेत्र में उनके कार्यों को विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक हस्तियों ने सराहा है। अनेक जनप्रतिनिधियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए सहयोग का आश्वासन भी दिया है। लेकिन इन सबके बावजूद निज़ाम सर स्वयं को प्रचार और प्रसिद्धि से दूर रखते हैं। उनका मानना है कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है, तो वही सबसे बड़ा सम्मान है।

आज के दौर में जब अधिकांश लोग व्यक्तिगत सफलता और प्रसिद्धि के पीछे भागते दिखाई देते हैं, तब निज़ाम सर जैसे लोग हमें यह सिखाते हैं कि सच्ची सफलता दूसरों के जीवन में रोशनी फैलाने में है। उनकी सादगी, विनम्रता और सेवा भावना उन्हें एक असाधारण व्यक्तित्व बनाती है। वे उन लोगों में से हैं जो बिना किसी अपेक्षा के समाज के लिए काम करते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी पहचान है।

निज़ाम सर ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि इरादे नेक हों, नीयत साफ हो और उद्देश्य समाज का भला करना हो, तो अल्लाह भी ऐसे लोगों के लिए रास्ते आसान कर देता है और हजारों हाथ मदद के लिए आगे बढ़ जाते हैं। आज “सेवा” केवल एक संस्था नहीं, बल्कि शिक्षा, उम्मीद और सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त आंदोलन बन चुकी है।

उनके जन्मदिन के अवसर पर हम अल्लाह तआला से दुआ करते हैं कि उन्हें लंबी उम्र, बेहतर सेहत, खुशहाली और अपने इस मिशन को और अधिक विस्तार देने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। उनके माध्यम से हजारों-लाखों विद्यार्थियों के सपने इसी तरह साकार होते रहें और समाज में शिक्षा की यह रोशनी निरंतर फैलती रहे।

जन्मदिन की दिली मुबारकबाद!

अल्लाह आपको अपनी रहमतों से मालामाल करे, आपकी सेवाओं को कबूल फरमाए और इंसानियत की खिदमत का यह सफर यूँ ही आगे बढ़ता रहे। आमीन।

– एड. इब्राहिम बख्श आज़ाद

अधिवक्ता, हिंगणघाट

मो. 9422842646