शिव विचारों से बनेगा सक्षम और सुसंस्कृत समाज-श्रीकांत बरिंगे
प्रतिनिधी गुलशन बनोठे सालेकसा
सालेकसा -आज के तेज़, प्रतिस्पर्धात्मक और अनेक चुनौतियों से भरे युग में शिव चरित्र को आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। क्योंकि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन हमें साहस, अनुशासन, संयम, दूरदृष्टि, नेतृत्व, राष्ट्रनिष्ठा और मानवता के सर्वोत्तम पाठ सिखाता है। महाराज ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी और अंधविश्वास के अधीन नहीं हुए। अल्प साधन-सामग्री के बावजूद उन्होंने बलशाली शत्रुओं को पराजित किया। यह हमें सिखाता है कि परिस्थितियों से अधिक हमारी दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास महान होते हैं। आज समाज में बढ़ती असहिष्णुता, भ्रष्टाचार, स्वार्थ और नैतिक मूल्यों के ह्रास को देखते हुए शिव चरित्र के विचार और भी अधिक मार्गदर्शक सिद्ध होते हैं। महाराज का नारी सम्मान, धार्मिक सहिष्णुता, न्यायप्रियता और प्रजा के प्रति करुणा जैसे गुण आज की पीढ़ी द्वारा आत्मसात किए जाना अत्यंत आवश्यक है।
शिवाजी महाराज से हमें स्वयं पर विश्वास रखना, लक्ष्य निर्धारित करना, कठोर परिश्रम करना और समाज के लिए जीना सीखना चाहिए। केवल जयंती मनाकर, नारे लगाकर या फोटो लगाकर हम महाराज के सच्चे अनुयायी नहीं बनते, बल्कि उनके विचारों के अनुसार आचरण करने से ही हम सच्चे शिवभक्त बनते हैं। आज आवश्यकता है शिव चरित्र को पढ़ने, समझने और उसे अपने जीवन में उतारने की। प्रत्येक विद्यार्थी, प्रत्येक महिला, युवा तथा प्रत्येक नागरिक यदि शिव विचारों से प्रेरित हुआ, तो स्वतः ही एक सुसंस्कृत, सक्षम और आदर्श समाज का निर्माण होगा। ऐसा वक्तव्य शिव व्याख्याता श्रीकांत बरिंगे ने किया। वे कुणबी समाजसेवा समिति सालेकसा द्वारा आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती समारोह के अवसर पर कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में बोल रहे थे।
कार्यक्रम की शुरुआत जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज, राजमाता जिजाऊ, छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, वीर बिरसा मुंडा इन महामानवों की प्रतिमाओं के पूजन से विधिवत रूप से की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विजय फुंडे, नगराध्यक्ष सालेकसा ने की, जबकि दीप प्रज्वलन भुषण बुराडे, थाना प्रभारी सालेकसा के करकमलों से संपन्न हुआ एवं प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में डॉ. विकास डोये उपस्थित थे।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में कुंदन बहेकार उपाध्यक्ष न. प. सालेकसा, संतोष बोहरे पंचायत समिति सदस्य, तुकाराम बोहरे पूर्व सभापति, परसराम फुंडे पूर्व सरपंच, रेखा फुंडे पंचायत समिति सदस्य, लता दोनोडे पूर्व बालकल्याण सभापति, लताताई फुंडे सामाजिक कार्यकर्ता, रमेशजी चुटे अध्यक्ष मराठी पत्रकार संघ, देवरामजी चुटे तालुका अध्यक्ष भाजपा, चंद्रकुमार बहेकार सरपंच भजेपार, रविता मेंढे सरपंच गिरोला, पल्लवी शिवणकर सभापति महिला एवं बालकल्याण न. प. सालेकसा, छन्नु शिवणकर सभापति स्वच्छता एवं जलापूर्ति न. प. सालेकसा, अनिता चुटे न. प. सदस्य, प्रतिभा शिवणकर नगरसेवक न. प. सालेकसा, कोमलता पाथोडे वनरक्षक, किशोर फुंडे वनरक्षक, तीरथ येटरे, भूपेश शेंडे, राजकुमार लाडसे, देवराज खोटेले सहित अनेक गणमान्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर कार्यक्रम में सहयोग करने वाले विभिन्न व्यक्तियों का अतिथियों के करकमलों से सम्मान किया गया। कार्यक्रम का प्रास्ताविक संजय बारसे ने रखा, संचालन युवा पत्रकार पवन पाथोडे ने किया तथा उपस्थितों का आभार संजय बारसे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता हेतु कुणबी समाजसेवा समिति सालेकसा, महिला कुणबी समाजसेवा समिति, युवा कुणबी समाजसेवा समिति तथा बहुजन समाज के विभिन्न मान्यवरों ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
नगर पंचायत के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों एवं शासकीय सेवा में नियुक्त तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं का सम्मान
कार्यक्रम के औचित्य पर तालुका के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले एवं शासकीय सेवा में नियुक्त युवाओं का सम्मान किया गया, जिसमें नव-निर्वाचित नगराध्यक्ष विजय फुंडे, नव-निर्वाचित नगरसेविका पल्लवी शिवणकर, छन्नु शिवणकर, अजय डोये, अनिता चुटे, प्रतिभा शिवणकर, राज्यस्तरीय आदर्श शिक्षक संजय मनोहरराव बारसे, मेधावी छात्रा सिद्धी हत्तीमारे तथा शासकीय सेवा में नियुक्त पवन मेंढे, ऋषिकेश मेंढे, शुभम बोहरे, सचिन बहेकार, सागर चुटे, शुभाष शिवणकर का अतिथियों के शुभ हस्ते सम्मान किया गया।
छत्रपति शिवाजी महाराज एवं जिजाऊ की वेशभूषा में सजी युवाशक्ति बनी आकर्षण का केंद्र
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर कुणबी समाज सेवा समिति सालेकसा की ओर से सालेकसा नगर में भव्य शिव रैली निकाली गई। इस दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज तथा राजमाता जिजाऊ की वेशभूषा धारण किए युवाओं को घोड़ों पर बैठाकर रैली निकाली गई, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी।