नई रेलिंग चंद दिनों में ध्वस्त; करोड़ों के सौंदर्यीकरण पर उठे सवाल
नई रेलिंग चंद दिनों में ध्वस्त; करोड़ों के सौंदर्यीकरण पर उठे सवाल
वर्धा जिला विशेष प्रतिनिधि : युसुफ पठाण
वर्धा : शहर के सौंदर्यीकरण और यातायात सुरक्षा के नाम पर लोक निर्माण विभाग द्वारा लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर लगाई गई स्टेनलेस स्टील रेलिंग उद्घाटन से पहले ही टूटने लगी है। नई-नवेली रेलिंग का इस तरह क्षतिग्रस्त होना विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई है। रेलिंग की वेल्डिंग इतनी कमजोर बताई जा रही है कि हल्के दबाव में ही जोड़ अलग हो रहे हैं। कई स्थानों पर रेलिंग का संतुलन और एलाइनमेंट बिगड़ा हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे घटिया सामग्री और तकनीकी मानकों की अनदेखी की आशंका व्यक्त की जा रही है।
डिवाइडर के शुरुआती हिस्सों में रेलिंग और सुरक्षा जाली अधूरी छोड़ी गई है। नुकीले किनारे बाहर निकले होने से विशेषकर रात के समय दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। नागरिकों का कहना है कि यदि कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित इंजीनियर और ठेकेदार पर तय की जानी चाहिए।
सौंदर्यीकरण पर ग्रहण, रेलिंग बनी कचरा स्थल
रेलिंग लगाने के बाद उसके रखरखाव और उचित डिजाइन पर ध्यान नहीं दिए जाने से डिवाइडर के बीच खाली स्थानों में कचरा जमा होने लगा है। प्लास्टिक, निर्माण मलबा और अन्य गंदगी के कारण बदबू फैल रही है। जिस रेलिंग को शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाया गया था, वही अब उपेक्षा और अव्यवस्था का प्रतीक बनती जा रही है।
नागरिकों ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा रेलिंग की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।