नन्हे रोजेदारों ने रखा पहला रोजा, परिवार में खुशी का माहौल
नन्हे रोजेदारों ने रखा पहला रोजा, परिवार में खुशी का माहौल
नावेद पठाण मुख्य संपादक वर्धा
नागपुर/वर्धा, रमजान के पवित्र महीने में जहां बड़े पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ रोजा रखते हैं, वहीं दो नन्हे बच्चों ने रोजा रखकर सभी का दिल जीत लिया।
नागपुर निवासी हुरेन बेग (उम्र 5 वर्ष) और युसुब बेग (उम्र 4 वर्ष) ने कम उम्र में ही अपना पहला रोजा रखकर परिवार को गर्व का एहसास कराया। दोनों बच्चों के नाना सलाम भाई कुरैशी वर्धा निवासी हैं, जिन्होंने बच्चों के इस जज़्बे पर खुशी जाहिर की।
इतनी छोटी उम्र में रोजा रखने की उनकी लगन और उत्साह को देखकर परिवार के सदस्य भावुक हो गए। दिनभर दोनों बच्चों ने पूरे सब्र और अनुशासन के साथ रोजा रखा। इफ्तार के समय घर में खुशी और उत्साह का विशेष माहौल देखने को मिला।
परिजनों के अनुसार, बच्चों को रमजान और रोजे के महत्व के बारे में समझाया गया था, जिसके बाद उन्होंने स्वयं रोजा रखने की इच्छा जताई। परिवार और समाज के लोगों ने भी उनकी इस पहल की सराहना की है।
रमजान का महीना त्याग, सब्र और इबादत का प्रतीक है, और इन नन्हे रोजेदारों ने अपनी मासूम कोशिश से यह संदेश दिया कि आस्था और संस्कार उम्र के मोहताज नहीं होते।